रोजमर्रा के प्रयोग मे आने वाले सरल आवेदन पत्र तथा चिट्ठी आदि लिखना।
अंकज्ञान
1-100 अंको को पढ़ना तथा लिखना।
जोड़, घटाने, गुणा तथा भाग के सरल एवं लघु स्तर के हिसाब करना।
भार, नाप, तौल, रूपये, पैसे, दूरी आदि इकाइयों का काम चलाने लायक ज्ञान होना।
अनुपात तथा ब्याज की साधारण जानकारी तथा उनका अपने कामकाज और रहन-सहन में प्रयोग।आदि लिखना।
लोक शिक्षा केन्द्र की स्थापना
लोक शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से बेसिक साक्षरता के कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे, जिसमें चिन्हित निरक्षरों को पढ़ाने एवं क्षेत्र में स्वयं सेवक द्वारा चिन्हित निरक्षरों को पढ़ाये जाने का अनुश्रवण भी किया जायेगा।
इन केन्द्रों के माध्यम से पंचायत क्षेत्र के सभी को शिक्षा, विकास एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी जागरुकता, पोषण एवं स्वास्थ्य, पानी की बचत, स्वच्छ पेयजल आदि की जानकारियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी।
साक्षर भारत योजनान्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक लोक शिक्षा केन्द्र की स्थापना की जायेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे नवसाक्षरों को अपनी साक्षरता बनाये रखने एवं पंचायत स्तर पर शिक्षित समाज तैयार हो सके।
लोक शिक्षा केन्द्रों को इस प्रकार विकसित किया जायेगा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकास सूचना की खिड़की के रूप में विकसित हो सके एवं पंचायत स्तर पर उन सभी गतिविधियों का केन्द्र बने जो शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विकास विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है।