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ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय एवं अन्य अपवंचित समूह।
1.10.2009 से 31.3.2012 तक।
बेसिक लिटरेसी हेतु 18 माह की अवधि निर्धारित।
वित्तीय व्यवस्था
योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा कुल लागत में 75: 25 का प्राविधान किया गया है, जिसमें भारत सरकार का 75 प्रतिशत एवं राज्य सरकार का 25 प्रतिशत अंश होगा।
भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश के 26 जनपदों का चयन किया गया है, जहाँ पूर्व मं सतत शिक्षा कार्यक्रम संचालित थे।
योजनान्तर्गत कार्यक्रम विवरण निम्नवत् हैः-
 
क्रम कार्यक्रम वित्तीय मानक
1- बेसिक लिटरेसी रु. 230.00 प्रति लर्नर
(i)-
पुराने केन्द्र
नवीन केन्द्र
1. पुराने केन्द्रों हेतु रु. 25000 अनावर्ती व्यय, रु. 75000 आवर्ती व्यय
2. नये केन्द्रों हेतु हेतु रु. 60000 अनावर्ती व्यय, रु. 75000 आवर्ती व्यय
(ii)
सर्वे, मास मोबलाइजेशन
प्रेरक प्रशिक्षण
विकासखण्ड/ जनपद स्तर पर समन्वयक के प्रशिक्षण हेतु
रु. 2500.00 प्रति ग्राम पंचायत
रु. 1000.00 प्रति प्रेरक
प्रत्येक विकास खण्ड पर 01 समन्वयक एवं जनपद स्तर पर 04 समन्वयक के प्रशिक्षण हेतु रु. 1000.00 प्रति समन्वयक
(iii) प्रबन्धन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन (एम.एम.ई.)
1. संविदा के आधार पर प्रति विकास खण्ड एक समन्वयक रु. 6000./-प्रतिमाह
2. विकासखण्ड स्तरीय कार्यालय व्यय हेतु रु. 5000./- प्रतिमाह
3. प्रति जनपद चार समन्वयक रु. 6000./- प्रतिमाह
4. जनपद स्तरीय कार्यालय व्यय हेतु रु. 20000./- प्रतिमाह