15+ वयवर्ग के निरक्षर प्रौढ़ों को कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करना।
2-
प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक लोक शिक्षा केन्द्र की स्थापना करना, जिसके माध्यम से कार्यक्रम की गतिविधियों का संचालन करना, सतत शिक्षा केन्द्र की व्यवस्था (Continue Education beyond Basic Literacy) कराना, विकास कार्यक्रमों की जानकारी देना एवं खेलकूद मनोरंजन की गतिविधियों को आयोजित करना है।
3-
नवसाक्षरों को उनकी साक्षरता को बनाये रखने के लिए बेसिक साक्षरता के उपरान्त समतुल्यता कार्यक्रम (Equivalency Programme to Formal Education) के माध्यम से औपचारिक शिक्षा से जोड़ा जाना।
4-
नवसाक्षरों को व्यावसायिक साक्षरता (Skills Development) में जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
5-
नवसाक्षरों को जीवन-पर्यन्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लर्निंग सोसाइटी तैयार कर विभिन्न कार्यक्रमों के अवसर प्रदान करना।